राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की निरंतर आर्थिक वृद्धि पर जोर दिया और कहा कि देश जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राष्ट्रपति ने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी, जीएसटी सुधारों और श्रम संहिताओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं, किसानों और जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति को महत्वपूर्ण बताया।

वर्तमान वैश्विक स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रपति ने आत्म निर्भरता और स्वदेशी के मूलमंत्र पर जोर देते हुए कहा कि हम विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में निवेश करके अपनी आर्थिक संरचना का उच्च-स्तर पर पुनर्निर्माण कर रहे हैं। देश की आर्थिक दिशा में परिवर्तन के लिए सरकार द्वारा उठाए कदमों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने जीएसटी टैक्स व्यवस्था में हुए ताजा सुधार का उल्लेख किया और कहा कि इस निर्णय से अर्थव्यवस्था को और अधिक शक्ति मिलेगी।
