तमिलनाडु सरकार ने उन मंदिरों से मिले दान स्वरूप सोने के आभूषण, जो देवी‑देवताओं को चढ़ाए गए लेकिन उपयोग नहीं होते थे, उन्हें सरकारी मिंट में पिघला कर 24 कैरेट सोने की बार बनाई।
ये सोना कुल मिलाकर 21 मंदिरों से इकट्ठा किया गया जिसमें लगभग 1,074.123488 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल है।
इसके बाद इस सोने को State Bank of India (SBI) की Gold Investment Scheme के तहत बैंक में जमा किया गया।
कितनी कमाई हो रही है?
इन सोने की जमा पूँजी पर राज्य को सालाना ₹17.81 करोड़ की ब्याज आमदनी हो रही है। यह रकम मंदिरों के विकास और रख‑रखाव के लिए इस्तेमाल की जाती है।
उदाहरण के लिए, Arulmigu Mariamman Temple, Samayapuram (तिरुचिरापल्ली जिला) ने इस योजना के तहत सबसे अधिक — लगभग 424.26 किलोग्राम सोना योगदान दिया।
किस तरह से लागू किया जा रहा है?
इस योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तीन क्षेत्रीय समितियाँ बनायी गयी हैं, जिनमें से प्रत्येक की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं।
सोने के अलावा, अब अनउपयोगी और बेकार चांदी (silver) आवरणों और आइटम्स को भी पिघलाकर शुद्ध चांदी की बार बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
✅ फायदे
मंदिरों को सतत आय स्रोत
सोने को बैंक में जमा कर ब्याज कमाने से मंदिरों को नियमित फंड मिलता है, जिससे पूजा‑स्थलों की मरम्मत, विकास कार्य, सुविधाएँ सुधारने आदि में मदद होती है।दानों का उपयोग बढ़ाना
उन दान‑स्वरूप सोने के टुकड़ों का उपयोग जो पहले पड़े हुए थे, अब उनकी “निष्क्रिय” स्थिति को सक्रिय‑सेक्रेट फंड बनाने में बदल दिया गया है।भविष्य की योजनाओं को वित्तीय स्थिरता
जहाँ मंदिरों पर अक्सर अस्थायी खर्च होते हैं, यहाँ ब्याज आमदनी से दीर्घकाल‑परियोजनाओं के लिए धन मिल सकता है।
⚠️ चुनौतियाँ और मुद्दे
भक्ति और आस्था से जुड़े भावनात्मक पक्ष
बहुत से भक्त आभूषणों को देवी‑देवता की शोभा के लिए चढ़ाते हैं, और उनका उपयोग या शोभा कम करना आस्था‑भावनाओं को चोट पहुँचा सकता है।पारदर्शिता और निगरानी
सोने की मौलिक स्रोत, उसकी कमी, पिघलाव की प्रक्रिया, बार का निर्माण, जमा राशि आदि हर कदम पर पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए ताकि किसी तरह का विरोध न हो।नीति‑वैधानिक विवाद
कुछ मंदिरों या उनकी भक्तों द्वारा इस योजना के लिए मंज़ूरी तभी दी गयी है जब मंदिर के ट्रस्टीज या विश्वासियों ने अनुमति दी हो।सोने की मूल्य अस्थिरता
सोने की कीमत में उतार‑चढ़ाव आने पर ब्याज या निवेश का रिटर्न प्रभावित हो सकता है।
उदाहरण
Irukkankudi Mariamman Temple, Virudhunagar ज़िले: लगभग 27 किग्रा सोना मूलभूत आभूषणों को पिघला कर SBI में जमा किया गया; इस पर प्रभावी ब्याज लगभग ₹34 लाख प्रति वर्ष होगा।
कांचीपुरम के कई मंदिरों में भी सोने का एक हिस्सा इस योजना में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु की यह ‘Temple Gold Monetisation / Investment Scheme’ एक बहुत ही असरदार और नवीन प्रयास है। दान स्वरूप पड़े हुए मूल्यवान सोने को सिर्फ शोभा‑आभूषण के रूप में रखने के बजाय, उसे उपयोगी संसाधन में बदल दिया गया है।
यह योजना जहाँ मंदिरों को वित्तीय आत्म‑निर्भरता दे रही है, वहीं भक्तों और समाज को यह दिखाती है कि धर्म और सच्ची आस्था सिर्फ आभूषणों में नहीं, बल्कि दान की जिम्मेदारियों और उपयोगिता में भी निहित है।
