नोएडा पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग ने दिवाली से कुछ दिनों पहले एक बड़ी कार्रवाई की, जिसमें लगभग 1,400 किलो नकली मिलावटी पनीर जब्त किया गया।
यह पनीर अलीगढ़ के सहजपुरा गाँव में स्थित एक फैक्ट्री में बनाया जा रहा था। मिलावटखोरों ने पनीर जैसा दिखने वाला मिश्रण तैयार किया जिसमें स्टार्च‑युक्त कृषि उत्पाद, मिल्क पाउडर, रिफाइंड पाम ऑइल, पोस्टर कलर और अन्य रासायनिक एजेंट शामिल थे।
यह नकली पनीर दिल्ली‑NCR के छोटे ईटरीज, स्ट्रीट-वेंडर्स, और बाजारों में कम कीमत (लगभग ₹180‑₹220 प्रति किलो) में बिक रहा था, जबकि असली पनीर की कीमत इससे काफी ज्यादा होती है।
पुलिस ने गुफा (Gulfam), नवीद, इक़लाख और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद नमूने लैब में भेजे गए हैं ताकि मिलावट की प्रकृति निर्धारित हो सके और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
प्रभाव एवं जोखिम:
इस तरह के मिलावटी उत्पाद से उपभोक्ताओं को खाना पेट में जहर खाने का खतरा हो सकता है—खासकर जहां जहरीली केमिकल्स और अशुद्ध सामग्री प्रयोग हो रही हो।
त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी और सख्ती की ज़रूरत है ताकि लोग सुरक्षित सामग्री ख़रीदें।
प्रतिक्रिया:
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने बाजारों और दुकानदारों से कहा है कि वे पनीर खरीदते समय ख़ुद भी सतर्क रहें—गंध, रंग, स्वाद और पैकेजिंग की जांच करें।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि सिर्फ प्रमाणित ब्रांड या भरोसेमंद विक्रेताओं से ही खरीदारी करें।
