दक्षिणी दिल्ली के Madangir इलाके में रहते हैं 28 वर्षीय Dinesh Kumar, जिनके अनुसार उनकी पत्नी Sadhana ने 2 अक्टूबर की रात्रि करीब 3:15 बजे सोते समय उन पर गर्म तेल डाला और फिर मिर्च पाउडर छिड़का।
घटना के समय उनकी छह महीने की बेटी भी घर में सो रही थी।
Dinesh के मुताबिक, Sadhana ने धमकी दी कि अगर उन्होंने कुछ कहा तो और तेल डाल दिया जाएगा।
पड़ोसियों ने उनके चिल्लाने की आवाज़ सुनी, लेकिन शुरुआत में कोई मदद को नहीं पहुंचा। बाद में मकान मालिक और सासु‐भाई की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
चिकित्सा और कानूनी स्थिति
Dinesh को पहले Madan Mohan Malviya Hospital में भर्ती किया गया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Safdarjung Hospital में स्थानांतरित किया गया।
उनके शरीर पर जलने के निशान हैं और शिकायत में लिखा है कि ये “बर्न इंजरीज़” हैं।
पुलिस ने अम्बेडकर नगर थाना में FIR दायर की है और जांच शुरू कर दी गई है।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह मामला घरेलू हिंसा की एक गंभीर घटना है, जिसमें सिर्फ शारीरिक हमला ही नहीं बल्कि मानसिक डर और भय का भी प्रयोग हुआ है।
इस तरह की घटनाएँ यह दिखाती हैं कि घरेलू हिंसा केवल एक‑लिंग विशेष की समस्या नहीं है; पुरुष भी शिकार हो सकते हैं।
कानून के अनुसार, ऐसी घटनाओं में आरोपी के खिलाफ सख्त धाराएँ लग सकती हैं, जैसे कि शारीरिक हमले, खतरनाक चोटें पहुँचाना, तथा संभवतः हत्या के प्रयास की जांच।
निष्कर्ष
यह घटना हमें इस बात की याद दिलाती है कि घरेलू संबंधों में शांति और सुरक्षा सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हर सदस्य की ज़रूरत होनी चाहिए। जब भी कोई हिंसा हो, चाहे शोषित पुरुष हो या महिला, सरकार, पुलिस, समाज-संघ और न्यायालय का काम है कि पीड़ित को सुरक्षा और न्याय मिले।
