केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में पर्याप्त भंडार और कीमतों में नरमी के चलते 25 लाख टन गेहूं निर्यात को मंजूरी दी है। साथ ही, 5 लाख टन अतिरिक्त गेहूं उत्पाद और चीनी निर्यात की भी अनुमति दी गई है। कोरोना के बाद यह पहली बार है जब गेहूं निर्यात को मंजूरी मिली है। इस कदम का उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना, बाजार में उपलब्धता बनाए रखना और बफर स्टॉक का कुशल प्रबंधन करना है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रभावित न हो।

कोरोना के बाद पहली बार गेहूं निर्यात मंजूर
कोरोना के बाद सरकार ने पहली बार गेहूं निर्यात (wheat export after COVID) की अनुमति दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि इस निर्णय से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की जरूरतों पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।खाद्य मंत्रालय के अनुसार 2025-26 में निजी कारोबारियों के पास गेहूं का स्टाक लगभग 75 लाख टन है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 32 लाख टन ज्यादा है।
