प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व में 23वें भारत-रूस सम्मेलन से पहले, आर्थिक सहयोग को संतुलित करने पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संतुलित व्यापार की आवश्यकता बताई और रूसी बाजार में अवसरों पर प्रकाश डाला। दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है। शिखर सम्मेलन में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

गुरुवार को दो अवसरों पर भारत ने व्यापार असंतुलन दूर करने, निवेश बढ़ाने और रूस के बाजार में भारतीय उत्पादों की मजबूत पैठ बनाने पर जोर दिया। सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूसी प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
