दिल्ली हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ स्थित एक घुड़सवारी क्लब और उससे जुड़े पक्षों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआइ) से संबद्ध क्लबों को महासंघ के प्रशासन में मतदान का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार, मतदान का अधिकार केवल राज्य संघों और केंद्र शासित प्रदेश संघों के लिए आरक्षित है, क्लबों के लिए नहीं।

अदालत ने कहा कि खेल संहिता के खंड 3.9 और 3.10 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्रीय महासंघ के निर्वाचक मंडल में मतदान के अधिकार क्लबों या व्यक्तिगत सदस्यों के लिए नहीं बल्कि संबद्ध राज्य संघों (एसए) और केंद्र शासित प्रदेश संघों (यूटीए) के लिए आरक्षित हैं।
