Ministry of Power India ने देशभर में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सभी राज्यों और बिजली वितरण कंपनियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण इस वर्ष बिजली की खपत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई राज्यों में एयर कंडीशनर, कूलर और सिंचाई उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिसके चलते ऊर्जा मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई।
बैठक में बिजली उत्पादन कंपनियों, ग्रिड ऑपरेटरों और राज्यों के ऊर्जा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि वे बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखें और किसी भी प्रकार की कटौती से बचें। साथ ही कोयले की उपलब्धता, बिजली उत्पादन क्षमता और ट्रांसमिशन नेटवर्क की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार के अनुसार, देश की पीक पावर डिमांड इस बार 260 गीगावॉट के पार पहुंच चुकी है, जो अब तक का एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार ने बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता के साथ संचालन जारी रखने को कहा है।
ऊर्जा मंत्रालय ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि वे स्थानीय स्तर पर बिजली बचत अभियान चलाएं और लोगों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करें। कई राज्यों में बिजली ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की शिकायतें सामने आने के बाद वितरण कंपनियों को तकनीकी सुधार तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और आधुनिक ग्रिड सिस्टम पर अधिक निवेश जरूरी होगा। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस गर्मी के मौसम में लोगों को लगातार बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि उद्योग, व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित न हो।
