भारत और अमेरिका मिलकर हथियार विकसित करेंगे और उनका उत्पादन करेंगे। इस सिलसिले में दोनों देशों की योजना की बुधवार को समीक्षा की गई और उसकी तैयारी को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने, दोनों सेनाओं के बीच सहयोग, अभ्यास, प्रशिक्षण और रणनीतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

अमेरिकी उप सचिव ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की और उनके साथ क्षेत्र की भूराजनीतिक स्थिति पर चर्चा की।
इसके बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी उप सचिव से वार्ता में क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर चर्चा की। दोनों अधिकारी भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाए जाने पर सहमत थे।
यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी है। इससे पहले मंगलवार को कोल्बी ने कहा था कि अमेरिका भारत का बहुत सम्मान करता है और नई दिल्ली के निर्णय हिंद-प्रशांत क्षेत्र का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
