बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सैन्य समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है। यह समझौता पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पहले से मौजूद सैन्य सहयोग मॉडल पर आधारित हो सकता है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इस समझौते में संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करना शामिल है।

यदि यह समझौता लागू होता है, तो इसके दूरगामी रणनीतिक और सुरक्षा निहितार्थ भारत के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। ये समझौता नाटो देशों की तर्ज पर होगा, जिसमें एक देश पर हमला समूह के सभी देशों पर आक्रमण माना जाता है।
