नेपाल में आई भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ के कारण भारत और नेपाल के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर दिल्ली-काठमांडू भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा पर भी पड़ा है। दिल्ली परिवहन निगम ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 और 29 अगस्त को निर्धारित बस यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया था। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बाढ़ और मलबे के कारण बंद हो गया था।
दिल्ली परिवहन निगम की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू और काठमांडू से दिल्ली जाने वाली यात्राओं को स्थगित किया गया। इसके अलावा 29 अगस्त को नेपाल की ओर से चलने वाली संबंधित बस यात्रा को भी रोक दिया गया। यह निर्णय किसी नियमित संचालन संबंधी समस्या के कारण नहीं, बल्कि नेपाल में पैदा हुई गंभीर प्राकृतिक आपदा और सड़क सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए लिया गया था।
दिल्ली-काठमांडू मैत्री बस सेवा दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क का माध्यम है। यह सेवा वर्ष 2014 में शुरू की गई थी और दिल्ली तथा काठमांडू को सीधे जोड़ती है। बस दिल्ली के डॉ. आंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से रवाना होती है और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से होते हुए नेपाल में प्रवेश करती है। नेपाल में सोनौली सीमा पार करने के बाद बस काठमांडू तक पहुंचती है।
नेपाल में आई बाढ़ ने कई सड़कों, पुलों और अन्य परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने और भूस्खलन के कारण कई मार्गों पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। ऐसे में बस सेवा को जारी रखने से यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता था।
दिल्ली प्रशासन और परिवहन अधिकारियों की प्राथमिकता फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा बनी हुई है। सड़क मार्ग सामान्य होने और हालात में सुधार के बाद बस सेवा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। इस घटना ने भारत-नेपाल सड़क संपर्क को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जोखिम के प्रति भी उजागर किया है।
