दिल्ली में इस साल अगस्त का महीना बारिश के लिहाज से काफी असामान्य रहा। राजधानी में अगस्त के दौरान सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और यातायात की समस्या देखने को मिली। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र पर अगस्त में 354.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस महीने का सामान्य औसत करीब 222.9 से 226.8 मिलीमीटर के आसपास है। इस तरह अगस्त में बारिश सामान्य से लगभग 59 प्रतिशत अधिक रही।
इस महीने की सबसे उल्लेखनीय घटनाओं में 25 अगस्त की भारी बारिश रही। सफदरजंग में 24 घंटे के दौरान 99.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह अगस्त में दो वर्षों के दौरान एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश रही। इससे पहले अगस्त में इससे अधिक बारिश 1 अगस्त 2024 को हुई थी, जब 107.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
अगस्त की शुरुआत भी बारिश के लिहाज से असाधारण रही। महीने के पहले आठ दिनों में ही सफदरजंग में 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो गई थी, जो पूरे अगस्त के सामान्य औसत से अधिक थी। इसके अलावा 25 अगस्त की बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। सड़कों पर पानी भरने के कारण यातायात की गति प्रभावित हुई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। रिज क्षेत्र में अगस्त की बारिश सामान्य से करीब दोगुनी रही, जबकि आयानगर में भी बारिश सामान्य से काफी अधिक दर्ज की गई।
हालांकि अधिक बारिश के बावजूद दिल्ली को पूरी तरह गर्मी से राहत नहीं मिली। अगस्त के दौरान दिन और रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और उमस के कारण मौसम में असहजता बनी रही।
कुल मिलाकर, अगस्त 2026 की बारिश ने दिल्ली में मानसून की तस्वीर बदल दी है। अत्यधिक बारिश ने जहां जलसंकट की चिंता कुछ कम की, वहीं जलभराव, यातायात और जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दीं।
