पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित खनौरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन बुधवार को भी जारी है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों ने 19 अगस्त को खनौरी बॉर्डर पर विशेष विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन दिल्ली की ओर किसानों के प्रस्तावित मार्च को हरियाणा प्रशासन द्वारा रोके जाने के विरोध में किया जा रहा है।
जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनुसार, किसानों का प्रस्तावित मार्च सुबह 11 बजे खनौरी स्थित प्रदर्शन स्थल से शुरू होगा और हरियाणा की ओर लगाए गए बैरिकेड तक पहुंचने के बाद वापस लौटेगा। किसानों ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया है। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और उन्हें दिल्ली की ओर बढ़ने से रोकना उचित नहीं है।
किसानों का यह आंदोलन भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी चिंता से जुड़ा है। किसान संगठनों का कहना है कि किसी भी व्यापार समझौते में कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके अलावा किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी समेत कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
उधर, किसानों के प्रस्तावित दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सीमा पर कई स्तर के बैरिकेड, कंटीले तार और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों के आगे बढ़ने के प्रयासों को प्रशासन ने रोक दिया है। इससे पंजाब और हरियाणा सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि किसान नेताओं ने अपने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की बात कही है।
किसान संगठनों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई है। 20 अगस्त को देशभर में रोष मार्च और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा की गई है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में किसान महापंचायतें आयोजित करने की योजना भी बताई गई है।
फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। आज का विशेष मार्च आंदोलन की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है या किसानों और प्रशासन के बीच गतिरोध आगे बढ़ता है।
