चंडीगढ़। पंजाब में धान खरीद, पराली प्रबंधन और उर्वरकों की उपलब्धता समेत कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर किसान संगठन 25 सितंबर को जिला स्तर पर सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि धान खरीद का मौसम शुरू होने से पहले किसानों की प्रमुख समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
किसान संगठनों के अनुसार, धान खरीद व्यवस्था से जुड़े मुद्दे इस समय प्रमुख चिंता का विषय हैं। मंडियों में फसल की समय पर खरीद, किसानों को भुगतान और खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था की मांग की जा रही है। संगठनों ने सरकार से खरीद केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
इसके अलावा पराली प्रबंधन भी किसान संगठनों के ज्ञापन में प्रमुख मुद्दा रहेगा। धान की कटाई के बाद फसल अवशेष के निपटारे को लेकर हर वर्ष पंजाब में चर्चा होती है। किसान संगठन पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त मशीनरी, तकनीकी सहायता और किसानों को व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी किसान संगठनों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि किसानों को जरूरत के समय पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होना चाहिए, ताकि रबी फसलों की बुवाई प्रभावित न हो। जिला स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इन मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों ने किसानों से जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। संगठन इन ज्ञापनों के माध्यम से धान खरीद, पराली प्रबंधन, उर्वरक आपूर्ति और अन्य कृषि समस्याओं को प्रशासन के सामने रखेंगे।
25 सितंबर का यह कार्यक्रम पंजाब में आगामी कृषि मौसम को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच इन मुद्दों पर आगे की बातचीत और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
