पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ग्रेटर नोएडा स्थित शाखा में ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3 नवंबर को बैंक की एक महिला कार्यालय सहायक और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बचत खातों तथा सावधि जमा खातों से रकम निकाली गई। शुरुआती जांच में यह गड़बड़ी करीब तीन वर्षों तक जारी रहने की आशंका जताई गई है।
कर्मचारी पर बैंक अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, बैंक की ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पीआई-1 स्थित शाखा में तैनात कार्यालय सहायक दीपांशी पर आरोप है कि उसने दूसरे बैंक अधिकारियों के उपयोगकर्ता पहचान विवरण और प्रवेश संकेतों का दुरुपयोग कर अनधिकृत लेनदेन किए। इन माध्यमों से ग्राहकों के खातों से रकम निकालकर अन्य खातों में भेजे जाने का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ग्राहकों के मोबाइल पर लेनदेन संबंधी संदेश भेजने की सुविधा बंद कर दी गई थी। इससे खातों से पैसे निकलने की जानकारी ग्राहकों को समय पर नहीं मिल सकी। कुछ सावधि जमा खातों में भी कथित रूप से बदलाव किए गए और समय से पहले जमा राशि निकालने की जांच की जा रही है।
ग्राहक की शिकायत से सामने आया मामला
यह मामला तब सामने आया जब सितंबर में एक महिला ग्राहक ने अपनी पासबुक अपडेट कराई। इस दौरान उन्हें अपने खाते से तीन संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। शिकायत के बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की और लगभग 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन का पता लगाया।
सीबीआई की जांच जारी
सीबीआई ने 29 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान अशुतोष कुमार पाठक के रूप में हुई है। एजेंसी को आशंका है कि इस कथित धोखाधड़ी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
जांच एजेंसी अब पैसों के लेनदेन, बैंक के अभिलेखों और अन्य संदिग्ध खातों की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
