मुंबई पुलिस ने तत्काल ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह मोबाइल ऋण ऐप के माध्यम से लोगों को कम समय में आसान ऋण देने का लालच देता था। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐप डाउनलोड कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज साझा करता था, गिरोह उसके मोबाइल से संपर्क सूची, तस्वीरें और अन्य निजी जानकारी तक पहुंच बना लेता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऋण लेने वाले लोगों पर अत्यधिक ब्याज और मनमाने शुल्क का दबाव बनाया जाता था। समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में गिरोह के सदस्य पीड़ितों और उनके परिचितों को लगातार फोन कर धमकियां देते थे। कई मामलों में निजी तस्वीरों और व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक करने की धमकी देकर अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। इस तरह लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अवैध तरीके से उगाही की जाती थी।
शिकायतें मिलने के बाद मुंबई पुलिस की साइबर शाखा ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेन-देन के आधार पर कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके संचालन के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या विदेशों से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस को आशंका है कि देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग इस प्रकार के फर्जी ऋण ऐप का शिकार हुए हो सकते हैं।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान या अप्रमाणित ऋण ऐप का उपयोग करने से बचें और केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों या विश्वसनीय मंचों के माध्यम से ही ऋण लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध ऐप, धमकी या ऑनलाइन उगाही की घटना की तुरंत साइबर पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
