दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के अनेक सरकारी और निजी स्कूलों ने छात्रों, अभिभावकों तथा स्कूल परिवहन संचालकों के लिए विशेष यातायात संबंधी परामर्श जारी किया है। स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभिभावकों से मौसम और यातायात की स्थिति को ध्यान में रखकर ही घर से निकलने की अपील की है।
स्कूलों की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि यदि किसी मार्ग पर जलभराव, भारी जाम या अन्य बाधा की सूचना हो तो वैकल्पिक रास्तों का उपयोग किया जाए। स्कूल बस चालकों और निजी वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, पर्याप्त दूरी बनाए रखने और फिसलन वाली सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बसों की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और बारिश के दौरान वाहन चलाते समय सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
कई स्कूलों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बच्चों को रेनकोट, छाता और अतिरिक्त कपड़ों के साथ स्कूल भेजें, ताकि बारिश के कारण होने वाली असुविधा से बचा जा सके। छोटे बच्चों के अभिभावकों से समय पर स्कूल पहुंचने और छुट्टी के समय भीड़ से बचने के लिए पहले से योजना बनाकर आने का अनुरोध किया गया है। कुछ विद्यालयों ने अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप, संदेश सेवा और ईमेल के माध्यम से मौसम संबंधी ताजा जानकारी और आवश्यक निर्देश भी साझा किए हैं।
स्कूल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव या यातायात बाधित होने के कारण छात्र समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं, तो ऐसी परिस्थितियों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इसके अलावा विद्यालयों ने छात्रों से परिसर में फिसलन वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताए जाने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों से नियमित रूप से मौसम अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में विद्यालय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी है। इन एहतियाती कदमों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बारिश के मौसम में शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
