दिल्ली पुलिस ने राजधानी और आसपास के राज्यों में सक्रिय एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी के कई मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह लंबे समय से दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गतिविधियों पर काफी समय से निगरानी रखी जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाकर दोनों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के कई वाहन बरामद किए हैं और उनकी पहचान तथा वास्तविक मालिकों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरोह चोरी किए गए वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर में बदलाव कर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने का प्रयास करता था। कुछ वाहनों के पुर्जे अलग-अलग स्थानों पर बेचने की भी आशंका जताई जा रही है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभिन्न राज्यों की कानून-व्यवस्था एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है और चोरी के मामलों से उनका मिलान कराया जा रहा है। साथ ही गिरोह के आर्थिक लेन-देन, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का विश्वास है कि इस कार्रवाई से वाहन चोरी की कई अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता मिलेगी।
पुलिस ने वाहन मालिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें, सार्वजनिक स्थानों पर वाहन सावधानी से पार्क करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इससे वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
