नई दिल्ली। आज, निफ्टी 50 भारतीय शेयर बाजार की पहचान बन गया है। लाखों निवेशक, फंड मैनेजर, बाजार विश्लेषक और नीति-निर्माता रोजाना इस पर नजर रखते हैं। यह एक अहम बेंचमार्क है जिसके आधार पर भारत के इक्विटी बाजार के प्रदर्शन को मापा जाता है। इस प्रतिष्ठित इंडेक्स के पीछे इनोवेशन, दूरदर्शिता और भारत के कैपिटल मार्केट के विकास की एक दिलचस्प कहानी (Nifty 50 Making Intresting Fact) छिपी है।
एक आधुनिक और पारदर्शी बेंचमार्क की जरूरत
1990 के दशक की शुरुआत में, भारत एक बड़े आर्थिक बदलाव से गुजर रहा था। 1991 में शुरू किए गए आर्थिक उदारीकरण सुधारों ने देश के बाजारों को ज्यादा कॉम्पिटिशन, विदेशी निवेश और प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया। जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ, एक आधुनिक, पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किए गए स्टॉक मार्केट बेंचमार्क की जरूरत तेजी से महसूस की जाने लगी।

