नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कचरा निस्तारण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नई दिल्ली जिला प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सालिड वेस्ट मैनेजमेंट) के नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। अब घरों, स्कूलों, कालेजों, सरकारी दफ्तरों और बड़े संस्थानों को कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर देना होगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन का कहना है कि अगर कचरे को शुरुआत में ही सही तरीके से अलग कर दिया जाए तो उसके निस्तारण में आसानी होगी और लैंडफिल साइट पर दबाव भी कम होगा।
नए नियम में गीले और सूखे कचरे के साथ सैनटरी कूड़ा और खतरनाक कूड़ा को भी अलग करना होता है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के प्रभावी पालन को लेकर पिछले दिनों जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।
निर्देशों का पालन करना भी जरूरी
इसमें अधिकारियों को बताया गया कि ये नियम एक अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हैं। साथ ही फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है। नियमों की निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष सेल का गठन किया है।
