देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के लागू होने के बाद कई बड़े शहरों में ईंधन लगभग 90 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों, वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम फिर नए स्तर पर पहुंच गए हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा बना रहा, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
ईंधन महंगा होने का असर केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, खेती और रोजमर्रा के सामानों की ढुलाई पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। माना जा रहा है कि लगातार बढ़ती तेल कीमतों से बाजार में महंगाई और बढ़ सकती है। बस, टैक्सी और माल ढुलाई सेवाओं के किराए में भी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
आम लोगों ने बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जताई है। कई शहरों में लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे ईंधन दामों से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। वहीं व्यापारिक संगठनों ने सरकार से टैक्स में राहत देने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार सरकार आने वाले समय में वैकल्पिक ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में और तेजी ला सकती है। फिलहाल देशभर में लोग ईंधन कीमतों में राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
