आरबीआई के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने बैंकिंग सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल के फायदे और जोखिम बताए हैं। ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के फार्म नहीं भरने पड़ेंगे। अंग्रेजी नहीं जानने वाले ग्राहक एआई चैटबाट की मदद से आसानी से सारी जानकारी ले सेकेंगे।

शिकायत का निपटारा लोन लेने की प्रक्रिया होगी तेज
शिकायत का निपटारा और बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी। जिनके क्रेडिट स्कोर नहीं हैं, उनके कारोबार और उनके ट्रांजेक्शन पैटर्न को जानकार उन्हें भी लोन दिया जा सकेगा। बैंक में होने वाले फ्राड को आसानी से उजागर किया जा सकेगा। लेकिन इन सबके बीच चिंता इस बात की भी है कि एआई का एक गलत फैसला किसी की पूरी आर्थिक जिंदगी को बदल सकता है।
