केंद्र सरकार गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए छह दशक पुराने शुगरकेन कंट्रोल आर्डर में बदलाव कर रही है। नए ड्राफ्ट के तहत चीनी मिलों को 14 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा।
अगर ऐसा नहीं होता है तो बकाया राशि पर 15 प्रतिशत सालाना ब्याज देना पड़ेगा, जिससे मिलों पर समयबद्ध भुगतान का दबाव बढ़ेगा। नए ड्राफ्ट को गन्ना किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर दाम सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ड्राफ्ट में किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए मिलों की जवाबदेही कड़ी की गई है।

