केंद्रीय बजट 2026-27 में गृह मंत्रालय को 2.55 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 9.44% अधिक है। इसमें पुलिस बलों को 1.73 लाख करोड़ रुपये मिले, जबकि आईबी के बजट में 63% की वृद्धि हुई। नक्सलवाद से निपटने के लिए भी 20% अधिक फंड मिला। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘विकसित भारत बजट’ बताते हुए सराहा।

इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आइटीबीपी और सीआइएसएफ, सीमा विकास कार्यक्रम और दिल्ली व जम्मू-कश्मीर में पुलिस बलों के लिए धन शामिल है।
भारत की आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) को 2026-27 में 6,782.43 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले बजट में प्राप्त 4,159.1 करोड़ रुपये की तुलना में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है।
आईबी बजट में 63% वृद्धि, पूंजीगत व्यय 9 गुना बढ़ा
आईबी के लिए पूंजी व्यय में इस वर्ष नौ गुना वृद्धि हुई है, जो पिछले बजट के संशोधित अनुमानों में 257.01 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 2,549.54 करोड़ रुपये हो गई है, जो सरकार द्वारा इसकी क्षमताओं और संचालन को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश को दर्शाता है।
