सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन पार्टनर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला से सवाल किया कि 15 साल के रिश्ते और बच्चे के बाद इसे अपराध कैसे कहा जा सकता है।
इस महिला ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके पूर्व लिव-इन पार्टनर के विरुद्ध FIR रद कर दी गई थी।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ महिला की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा, ”वे 15 वर्षों तक साथ रह रहे। फिर शादी नहीं हुई और अब वह कह रही है कि यौन उत्पीड़न हुआ है?”

