बेंगलुरु में इस वर्ष जुलाई महीने के दौरान तापमान ने पिछले 112 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार शहर में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर अपने सुहावने मौसम के लिए पहचाने जाने वाले बेंगलुरु में इस तरह की गर्मी ने मौसम वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियों में अस्थायी कमी, बादलों की कम मौजूदगी और लगातार तेज धूप के कारण तापमान में यह असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम चक्र को भी इस स्थिति का एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यदि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होती हैं तो तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सलाह जारी की हैं। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा लंबे समय तक धूप में रहने से परहेज करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि अधिक तापमान से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
गर्मी का असर केवल लोगों के स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि बिजली की मांग और जल आपूर्ति पर भी देखा जा रहा है। एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की खपत में वृद्धि हुई है, वहीं पेयजल की मांग भी बढ़ गई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक सेवाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु पैटर्न को देखते हुए शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों को तेजी से लागू करने की आवश्यकता है। इससे भविष्य में ऐसे मौसम संबंधी असामान्य बदलावों के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
