पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने घुम्मन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद चंडीगढ़ समेत पंजाब के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय सहित कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली।
सीबीआई के अनुसार मामले में सरकारी अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन, नीतिगत फैसलों, निविदाओं, लाइसेंस से जुड़े मामलों और भूमि संबंधी मामलों में कथित रूप से प्रभाव डालने के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या सरकारी कामकाज से संबंधित गोपनीय दस्तावेज निजी लोगों तक पहुंचाए गए थे।
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, कंप्यूटर तथा अन्य महत्वपूर्ण कागजात शामिल बताए गए हैं। इन सामग्रियों की जांच के माध्यम से कथित लेनदेन और सरकारी कामकाज में किसी तरह के अनुचित हस्तक्षेप से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पहले पंजाब पुलिस को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पत्र भेजे गए थे। इसके बाद मामले को लेकर न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
इस बीच पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई की कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की राजनीति से जोड़ा है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां आरोपों की जांच को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा रही हैं।
मामले की जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
