नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने के लिए नई पहल शुरू की है। सेवा संकल्प अभियान के तहत राजधानी में पहले चरण में 13 नमो श्रमिक सेवा केंद्र शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय कई सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को शालीमार बाग में नमो श्रमिक सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर गिग कामगारों के लिए विश्राम स्थल भी शुरू किया गया। यह सुविधा ऑनलाइन सामान पहुंचाने और अन्य सेवाओं से जुड़े गिग कामगारों को काम के दौरान आराम करने के लिए उपलब्ध कराई गई है।
नमो श्रमिक सेवा केंद्रों पर श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण में सहायता, दस्तावेजों का सत्यापन, आवेदन की स्थिति की जानकारी तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी और दावों के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाना है।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार पहले चरण में 13 केंद्र शुरू किए जाएंगे और इसके बाद इनका विस्तार पूरी दिल्ली में करने की योजना है। सरकार श्रमिकों के कौशल विकास पर भी ध्यान देने की बात कह रही है। इसके तहत तकनीकी कौशल और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई है, जिससे श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकें।
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसके तहत श्रमिक कल्याण के साथ स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पौधारोपण और अन्य जनसेवा गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
सरकार के अनुसार, इन सेवा केंद्रों के विस्तार से श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और आवेदन संबंधी सहायता स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।
