नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के चालकों और परिचालकों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। हड़ताल के कारण राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित है और कई मार्गों पर यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में बसें सड़कों से बाहर हैं, जिससे यात्रियों को मेट्रो, ऑटो और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन बढ़ाकर 2,000 रुपये करना, चिकित्सा सुविधाएं, वार्षिक और त्योहार बोनस, सरकारी अवकाश के दिनों का भुगतान तथा बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान दैनिक वेतन उनकी जरूरतों के मुकाबले कम है। कुछ कर्मचारियों ने दुर्घटना या बस को नुकसान पहुंचने की स्थिति में वेतन से कटौती किए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
हड़ताल का असर मेट्रो सेवाओं पर भी दिखाई दिया है। यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने अतिरिक्त सेवाएं संचालित की हैं। इससे मेट्रो के प्रमुख मार्गों और स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ा है।
इस बीच हड़ताल के दौरान डीटीसी बसों में तोड़फोड़ के मामलों ने भी पुलिस की कार्रवाई को बढ़ा दिया है। पुलिस के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कंझावला क्षेत्र में बसों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई बसों में तोड़फोड़ से जुड़े मामलों तक सीमित है। वहीं कर्मचारियों की वेतन और सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रहने से दिल्ली में सामान्य यात्रियों की परेशानी बनी हुई है। सरकार और कर्मचारियों के बीच समाधान की कोशिशों के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि बस सेवा कब पूरी तरह सामान्य होती है।
