सौर पैनल और सौर सेल बनाने वाली कंपनी अवाडा इलेक्ट्रो ने 7,600 करोड़ रुपये तक के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास अद्यतन मसौदा दस्तावेज दाखिल किए हैं। कंपनी ने यह अद्यतन मसौदा 25 अगस्त को जमा किया। प्रस्तावित आईपीओ के जरिए कंपनी पूंजी बाजार से बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है।
अद्यतन प्रस्ताव के अनुसार, आईपीओ में 1,600 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि कंपनी के प्रवर्तक अवाडा वेंचर्स 6,000 करोड़ रुपये तक के शेयर बिक्री के लिए पेश करेंगे। इस तरह प्रस्तावित निर्गम का कुल आकार 7,600 करोड़ रुपये तक होगा। इससे पहले कंपनी ने 9,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक के आईपीओ का संकेत दिया था। नए प्रस्ताव में निर्गम का अधिकतम आकार पहले बताए गए 10,000 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत कम हो गया है।
कंपनी के अनुसार, नए शेयरों से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज से जुड़ी देनदारियों को कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा। करीब 1,200 करोड़ रुपये कुछ उधार और ऋण संबंधी दायित्वों के पूर्व भुगतान या भुगतान में लगाए जाने की योजना है। शेष राशि का उपयोग सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी आईपीओ से पहले 320 करोड़ रुपये तक की पूर्व-आईपीओ हिस्सेदारी बिक्री पर भी विचार कर सकती है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो नए शेयरों से जुटाई जाने वाली रकम उसी अनुपात में कम हो सकती है।
अवाडा इलेक्ट्रो ने अक्टूबर 2025 में गोपनीय प्रक्रिया के माध्यम से आईपीओ के प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे। अप्रैल 2026 में उसके आईपीओ दस्तावेजों को बाजार नियामक से मंजूरी मिली थी। कंपनी का दावा है कि वह भारत की प्रमुख एकीकृत सौर फोटोवोल्टिक निर्माता कंपनियों में शामिल है और उसके पास 8.50 गीगावाट की परिचालन सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता है।
कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ को भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सौर ऊर्जा की बढ़ती मांग और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की नीतियों के बीच अवाडा इलेक्ट्रो का पूंजी बाजार में प्रवेश निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
