नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल इसरो ने अपने आगामी चंद्र मिशन चंद्रयान-4 के लिए साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश की है।

पुराने ‘मून मिशन’ खासकर चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन (MM-4) को लैंडिंग के लिए सबसे सेफ साइट बताया है।
मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल पर स्थित एक 6000 मीटर ऊंचा पहाड़ है, जिसका सरफेस लगभग समतल है।
यहीं वजह है कि चंद्रयान-4 की लैंडिंग के लिए इसे सबसे सही माना जा रहा है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्चिंग के समय ही लिया जाएगा।
इसरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साइट को चुने जाने की एक वजह यह भी है कि यहां लंबे समय तक सूर्य की रौशनी रहती है। इसके साथ ही इस एरिया में वाटर आइस मिलने की भी प्रबल संभावना है।
चंद्रयान-2 की मदद से मिली साइट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस (LPSC 2026) में पेश किया।
जिसमें उन्होंने बताया कि लैंडिंग साइट को ढूंढने में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर पर लगे कैमरे की मदद से ली गई तस्वीरों का इस्तेम्मल किया गया।
यह कैमरा इतना शक्तिशाली है कि इससे चंद्रमा की सतह 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल रेजोल्यूशन से दिखाई पड़ती है। जिससे सतह पर मौजूद क्रेटर, ढलान, समतल और सरफेस की बनावट का पता लगता है।
