अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने वर्ष 2027 के एकदिवसीय विश्व कप और वर्ष 2028 के टी-20 विश्व कप के प्रारूप में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य प्रतियोगिताओं को अधिक प्रतिस्पर्धी, रोमांचक और संतुलित बनाना है, ताकि अधिक से अधिक देशों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके। आईसीसी का मानना है कि नए प्रारूप से विश्व क्रिकेट को और अधिक वैश्विक पहचान मिलेगी तथा उभरती हुई टीमों को शीर्ष देशों के खिलाफ खेलने का बेहतर मौका मिलेगा।
आईसीसी के अनुसार 2027 के एकदिवसीय विश्व कप में टीमों की संख्या, मुकाबलों की संरचना और अगले चरण में पहुंचने की प्रक्रिया को अधिक संतुलित बनाया जाएगा। इससे प्रत्येक मुकाबले का महत्व बढ़ेगा और लीग चरण से लेकर नॉकआउट दौर तक प्रतियोगिता अधिक रोमांचक बनेगी। इसके साथ ही अंक तालिका में मामूली अंतर भी टीमों के भविष्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
वहीं, वर्ष 2028 के टी-20 विश्व कप में भी प्रतियोगिता को अधिक आकर्षक बनाने के लिए नए प्रारूप को अपनाया जाएगा। छोटे प्रारूप की लोकप्रियता को देखते हुए आईसीसी ने ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे दर्शकों को अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले देखने को मिलेंगे। नए प्रारूप में उभरती क्रिकेट टीमों को भी बड़े देशों के खिलाफ खेलने के अधिक अवसर मिलने की संभावना है, जिससे वैश्विक स्तर पर क्रिकेट का विस्तार होगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से टूर्नामेंट की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा दोनों में सुधार होगा। खिलाड़ियों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा और किसी भी टीम के लिए लापरवाही की गुंजाइश कम होगी। इससे हर मैच का महत्व पहले से अधिक बढ़ जाएगा।
आईसीसी ने कहा है कि नए प्रारूप को लागू करने का उद्देश्य खेल को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना और दुनिया के अधिक से अधिक देशों में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाना है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि इन बदलावों के बाद आगामी विश्व कप पहले से अधिक रोमांचक, प्रतिस्पर्धी और यादगार साबित होंगे।
