देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने गुजरात सहित 19 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए कई क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान व्यक्त किया गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा भी बढ़ गया है। कुछ राज्यों में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
संभावित आपदा को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में रहने से बचें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से जहां जल संसाधनों को लाभ मिलेगा, वहीं अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और आम नागरिकों के बीच समन्वय तथा समय पर सतर्कता ही संभावित नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय साबित होगी।
