नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जमीन की धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी 3768 से अधिक खाली संपत्तियों का ब्योरा तो आनलाइन कर दिया, लेकिन उसकी कार्यशैली पर एक गंभीर सवालिया निशान भी खड़ा कर दिया है।
सवाल यह है कि डीडीए ने जो डेटा ‘पूरी सार्वजनिक किया है, वह सिर्फ तरह खाली’ प्लाटों का है या इनमें वो जमीनें भी शामिल हैं जिन पर भूमाफिया कुंडली मारकर बैठे हैं? सूत्रों की मानें तो डीडीए के पास फिलहाल इसका कोई साफ वर्गीकृत आंकड़ा नहीं है कि उसकी कितने एकड़ जमीन पर वास्तव में अवैध कब्जा या अतिक्रमण हो चुका है।

