12 अक्टूबर 2025, दिल्ली — पूर्वी दिल्ली के Ghazipur इलाके में हिंदन नहर के किनारे एक प्लास्टिक बैग में एक लाश मिलने की घटना सामने आई है, जिसे पुलिस संदिग्ध हत्या का मामला मान रही है।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार शाम (11 अक्टूबर) को स्थानीय कबाड़ी वालों को नहर के एक शुष्क कोने में एक संदिग्ध प्लास्टिक बैग में तेज गंदबू आने की सूचना मिली।
कबाड़ी वाले जब बग की ओर गए और उसमें छेद किया, तो अंदर गहरी अवस्था में एक मानव शव मिला, जिसे उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
Ghazipur पुलिस टीम मौके पर पहुंची, बैग को खोलने पर बरबाद अवस्था में शव पाया गया। उस पर ब्राउन टेप लपेटा गया था।
शव की स्थिति इतनी नाजुक थी कि लिंग की पहचान करना मुश्किल था। हालांकि, लंबे बाल मिलने की वजह से प्रारंभिक अनुमान है कि यह महिला का शव हो सकता है।
मृतक की बाँहों पर रस्सी से बँधे होने की आशंका भी जताई गई है।
घटना स्थल को घेर लिया गया और क्राइम टीम एवं फॉरेंसिक टीम बुलाई गई।
प्रारंभिक जांच एवं आशंकाएँ
पुलिस का मानना है कि हत्या कहीं और की गई होगी और शव नहर किनारे फेंका गया।
नहर का जल स्तर पहले अधिक था — संभव है कि शव पानी में डूबा रहा हो और पानी उतरने पर वह इस स्थान पर आ गया हो।
अनुमान है कि यह घटना लगभग एक महीने पहले हुई होगी।
शव की पहचान करने और मौत के कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम निर्धारित किया गया है।
स्थानीय एवं आसपास की पुलिस चौकियों में लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट, CCTV फुटेज की समीक्षा और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है।
एक प्राथमिकी (FIR) Sections 103 (हत्या) और 238(a) (साक्ष्य को मिटाने या लोप कराने) के अंतर्गत दर्ज की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंताएँ
यह घटना इलाके में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर किनारे अप्रशासन और अनदेखी की समस्या रही है, और ऐसे मामलों से पहले भी इलाके में सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस पर दबाव डाला है कि वह जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़े और ऐसे गंभीर मामलों की समयबद्ध जाँच सुनिश्चित करे।
आगे की दिशा: क्या करने की ज़रूरत है
त्वरित डीएनए और फिंगरप्रिंट जाँच — मृतक की पहचान के लिए आवश्यक
CCTV और मोबाइल लोकेशन डेटा — संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए
लापता व्यक्तियों की सूची मिलान — आसपास के थानों से रिपोर्ट्स जोड़ी जाएँ
घरेलू हिंसा / अपराध के पृष्ठभूमि की जाँच — क्या मृतक किसी विवाद या अपराध से जुड़ी थी?
पुलिस‑फोर्स की निगरानी बढ़ाना — नहर किनारे गश्त और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करना
