मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नए साल 2026 के पहले दिन ही श्रम विभाग में उजागर 1500 करोड़ रुपये की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की है। उनके आदेश पर एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता IAS पंकज अग्रवाल कर रहे हैं। समिति में IAS राजीव रतन और IPS पंकज नैन भी शामिल हैं। यह समिति एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने स्वयं ही अपने विभाग में यह घोटाला पकड़ा था और मुख्यमंत्री के समक्ष उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की थी। इन कार्यपर्चियों के आधार पर ही श्रमिकों को श्रम विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।

