सावन माह के आगमन से पहले राजधानी दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह और शाम मंदिरों में पहुंच रहे हैं। सावन को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, इसलिए मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
दिल्ली के प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समितियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था, दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत किया जा रहा है। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की जा रही है।
मंदिरों में विशेष रूप से रुद्राभिषेक, शिव महाआरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। कई मंदिरों में सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे की तैयारी भी की जा रही है। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, दूध, जल और अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई है। प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि सावन के दौरान धार्मिक गतिविधियों के बढ़ने से मंदिरों के आसपास छोटे व्यापारियों, फूल विक्रेताओं, पूजा सामग्री बेचने वालों और स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा। श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच राजधानी में सावन पर्व की तैयारियां अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी हैं।
