केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उनके दौरे का मुख्य केंद्र उत्तर बंगाल का सिलीगुड़ी क्षेत्र है, जहां भारत की सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। सिलीगुड़ी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि यही संकरा गलियारा देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। इसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है।
दौरे के दौरान अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल के अग्रिम मुख्यालय का दौरा किया। यहां उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों से बातचीत की और विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, जवानों के लिए सुविधाएं बढ़ाना और आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी क्षमता को बेहतर बनाना है।
अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार के सहयोग की चर्चा की। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार से जमीन उपलब्ध कराने की आवश्यकता रही है। शाह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के साथ केंद्र को सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी से सहयोग मिल रहा है।
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा समीक्षा है। गृह मंत्री ने इस संवेदनशील क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के लिए ‘त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड’ की घोषणा की है। इसका उद्देश्य निगरानी को मजबूत करना और किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से समय रहते निपटना है।
22 अगस्त को अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने, सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार के लिए सिलीगुड़ी गलियारा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए पूर्वोत्तर भारत की सड़क और रेल संपर्क व्यवस्था देश के बाकी हिस्सों से जुड़ी हुई है।
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के कार्यकाल के शुरुआती महीनों में केंद्र और राज्य के बीच सुरक्षा तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा के साथ-साथ राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े विषय भी चर्चा में हैं।
