नोएडा में श्रमिकों (Noida labour protest today) का वेतन वृद्धि को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन यूपी सरकार के हस्तक्षेप के बाद 21% बढ़ोतरी के साथ समाप्त हो गया है। वहीं, आयकर विभाग के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों, जैसे कैडर समीक्षा और पदोन्नति में ठहराव, को लेकर 16 अप्रैल से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

नोएडा में उग्र प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने क्या लिया बड़ा फैसला?
नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों (खासकर फेज-2) में पिछले तीन दिनों से कर्मचारियों (Noida labour protest today) का गुस्सा सुलग रहा था। 13 अप्रैल को यह विरोध केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उग्र रूप लेते हुए सड़कों पर आ गया। सैकड़ों की संख्या में फैक्ट्री कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिससे भारी जाम लग गया और कुछ इलाकों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। श्रमिकों की मुख्य मांग वेतन वृद्धि को लेकर थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया। इस समिति ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। इसके तहत, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21% की भारी वृद्धि कर दी गई है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
