दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार सुबह दो फैक्ट्रियों में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग को जानकारी दी गई। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की करीब 15 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दो फैक्ट्रियों में लगी। देखते ही देखते आग ने दोनों परिसरों के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्रियों से धुआं उठता देखकर आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई। आग की लपटों को नियंत्रित करने के लिए दमकलकर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार की।
घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। दमकल विभाग की टीमों ने आग को दूसरी इमारतों और आसपास की फैक्ट्रियों तक फैलने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती। औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियां एक-दूसरे के काफी करीब होने के कारण आग के तेजी से फैलने का खतरा बना रहता है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का तत्काल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। संबंधित विभाग आग लगने की वजह की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्रियों में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
प्रशासन की प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और किसी भी संभावित जनहानि को रोकना रही। राहत एवं बचाव दल ने आसपास के क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए रखी। आग से फैक्ट्रियों में कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका आकलन आग पूरी तरह बुझने और परिसर की जांच के बाद किया जाएगा।
नरेला औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा जांच, आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
