मुंबई। बिना टिकट और अनधिकृत तरीके से यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ सेंट्रल रेलवे ने जांच अभियान तेज कर दिया है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच रेलवे की विभिन्न जांच टीमों ने करीब 18 लाख मामलों में कार्रवाई की और यात्रियों से कुल ₹140.8 करोड़ का जुर्माना वसूला। रेलवे के अनुसार, यह जुर्माना वसूली पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है।
सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में प्रतिदिन औसतन लगभग 11 हजार अनधिकृत यात्रा के मामले पकड़े गए। टिकट जांच के दौरान बिना वैध टिकट यात्रा करने, गलत प्राधिकार के साथ यात्रा करने और अन्य टिकट नियमों के उल्लंघन के मामलों पर कार्रवाई की गई। रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों में अचानक जांच के साथ-साथ विशेष अभियान भी चलाए।
जुर्माना वसूली के मामले में मुंबई मंडल सबसे आगे रहा। यहां करीब 8.8 लाख मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹58.5 करोड़ की वसूली की गई। भुसावल मंडल में लगभग 3.4 लाख मामलों से ₹35.5 करोड़, जबकि पुणे और नागपुर मंडल में क्रमशः ₹16.3 करोड़ और ₹15.8 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। सोलापुर मंडल से ₹6.1 करोड़ और सेंट्रल रेलवे मुख्यालय से ₹8.6 करोड़ की वसूली हुई।
अगस्त में भी टिकट जांच अभियान जारी रहा। अकेले इस महीने करीब 2.5 लाख मामले सामने आए और ₹19.5 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। यह राशि अगस्त 2025 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत अधिक रही। रेलवे के अनुसार, जुर्माना बढ़ने की एक वजह न्यूनतम दंड राशि में बदलाव भी है। बिना वैध टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट और आवश्यक यात्रा प्राधिकार सुनिश्चित करें। त्योहारों के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए टिकट जांच अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
