नई दिल्ली। दिल्ली में दिल्ली परिवहन निगम के चालकों की हड़ताल का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को हड़ताल चौथे दिन भी जारी रहने के कारण राजधानी के कई इलाकों में बस सेवाएं प्रभावित रहीं। बड़ी संख्या में बसों के सड़कों से बाहर रहने के चलते यात्रियों को बस स्टॉप पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई जगह यात्रियों की कतारें देखी गईं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
हड़ताल के कारण तीन हजार से अधिक बसों के सड़कों से बाहर रहने की जानकारी सामने आई है। इसका असर उन यात्रियों पर अधिक पड़ा जो रोजाना कम किराये वाली बस सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, घरेलू कामगारों और बुजुर्ग यात्रियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने बस का इंतजार करने के बजाय मेट्रो, ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य साधनों का सहारा लिया।
बसों की कमी के कारण वैकल्पिक परिवहन पर भी दबाव बढ़ गया। कुछ यात्रियों ने सामान्य दिनों की तुलना में अधिक किराया देने की शिकायत की। वहीं, दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त रेलगाड़ियां चलाने और फेरे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
चालकों की ओर से वेतन बढ़ाने, चिकित्सा सुविधा, बीमा, अवकाश और अन्य सेवा लाभों की मांग की जा रही है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने चालकों से काम पर लौटने की अपील की है और कहा है कि उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारी चालक ठोस समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
हड़ताल जारी रहने से दिल्ली में रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। यात्रियों को उम्मीद है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत से जल्द समाधान निकलेगा और बस सेवाएं सामान्य हो सकेंगी।
