गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमेरिका और कनाडा का छह दिवसीय दौरा पूरा कर लिया है। वह 17 से 26 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा में रहे। इस दौरान उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, वैश्विक कंपनियों, निवेशकों और प्रवासी गुजरातियों के साथ कई बैठकें कीं। दौरे का मुख्य उद्देश्य गुजरात में विदेशी निवेश आकर्षित करना और जनवरी 2027 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाना रहा।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गुजरात को सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा केंद्र, विनिर्माण, जैव प्रौद्योगिकी और वित्तीय तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए निवेश का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने निवेशकों के सामने राज्य की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी रखी। अमेरिका में उन्होंने कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और गुजरात में नई परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
कनाडा के टोरंटो में भी पटेल ने उद्योगपतियों और उद्यमियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कनाडा में रहने वाले गुजराती उद्यमियों से गुजरात में निवेश करने और आगामी वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया। इसके अलावा उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े संगठन के प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठकें भी हुईं।
दौरे के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। अमेरिका में मुख्यमंत्री ने होटल, पर्यटन ढांचे और संबंधित परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। सरकार गुजरात को केवल पारंपरिक उद्योगों का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सेवा क्षेत्र के लिए भी आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
दौरा पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बड़ी कंपनियों और निवेशकों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और गुजरात में निवेश को लेकर रुचि दिखाई गई है। अब सरकार इन चर्चाओं को ठोस निवेश प्रस्तावों में बदलने पर ध्यान देगी। माना जा रहा है कि इस दौरे से गुजरात में रोजगार, औद्योगिक विस्तार और तकनीकी विकास की नई संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
