संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया। संसद भवन और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा प्रबंधन संभालते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।
सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन परिसर, विजय चौक, इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और प्रमुख सरकारी कार्यालयों के आसपास विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। आने-जाने वाले सभी वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर आधुनिक स्कैनिंग उपकरण, धातु खोजक यंत्र और पहचान सत्यापन की व्यवस्था की गई है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उच्च क्षमता वाले निगरानी कैमरों और ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।
मानसून सत्र के दौरान संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, महंगाई, कृषि, रोजगार और विभिन्न राज्यों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। खुफिया एजेंसियों द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और यातायात संबंधी परामर्श का पालन करें। संसद मार्ग, जनपथ, अशोक रोड और आसपास के कई मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर कुछ मार्गों पर अस्थायी यातायात परिवर्तन भी लागू किए जा सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि संसद के पूरे मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड और चिकित्सा सहायता दल को भी अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सांसदों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
