देशभर में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि बारिश के मौसम में जलभराव, दूषित पानी और मच्छरों के तेजी से पनपने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते रोकथाम के उपाय अपनाना बेहद आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने राज्यों से अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, जांच किट, बेड और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था करने और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला स्तर पर निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन को मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और जलभराव वाले स्थानों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को साफ और उबला हुआ पानी पीने, भोजन को स्वच्छ रखने तथा घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुखार, उल्टी, दस्त या शरीर में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग ने जनजागरूकता अभियान तेज करने पर भी जोर दिया है, ताकि लोग बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें और समय पर उपचार प्राप्त कर सकें। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। मानसून के पूरे मौसम में स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगा और आवश्यकतानुसार आगे भी दिशा-निर्देश जारी करता रहेगा।
