सावन माह और आगामी कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने संयुक्त सुरक्षा योजना पर काम शुरू कर दिया है। हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर दिल्ली होते हुए अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए इस बार भी व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारियां समय से पहले शुरू कर दी गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ मार्गों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, मोबाइल पेट्रोलिंग और क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) की मदद ली जाएगी। इसके अलावा बम निरोधक दस्तों और डॉग स्क्वॉड को भी आवश्यकता पड़ने पर तैनात रखा जाएगा।
यातायात पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। जल्द ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को यात्रा के दौरान होने वाले मार्ग परिवर्तन और संभावित जाम की जानकारी पहले से मिल सके। प्रमुख मार्गों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।
प्रशासन की ओर से कांवड़ियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर, पेयजल, मोबाइल शौचालय, विश्राम स्थल और आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली अग्निशमन सेवा, नगर निगम और बिजली विभाग को भी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली पुलिस ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा, सुगम यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
