नई दिल्ली। रविवार को इजराइल ने लेबनान पर नए हमले किए, जबकि दोनों देशों के बीच पहले से ही सीजफायर (युद्धविराम) लागू था। इसके बाद सोमवार को तेल की कीमतें $3 प्रति बैरल से अधिक बढ़ गईं। तनाव बढ़ने से बड़े क्षेत्रीय संघर्ष के खत्म होने की उम्मीदें बहुत कम हो गईं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से न शुरू पाने की चिंताएं बढ़ गईं। नतीजे में तेल के दाम बढ़े हैं।

कितने उछले तेल के दाम?
8 जून को सुबह साढ़े 8 बजे के करीब क्रूड ऑयल की कीमत $3.36 या 3.72% बढ़कर $92.90 प्रति बैरल हो गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत $3.5 या 3.76% बढ़कर $96.59 प्रति बैरल हो गई। ताजा हमलों को अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जो दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई के लिए एक अहम रास्ता है) को फिर से खोलने की राह में एक और बाधा के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान का कहना है कि वाशिंगटन के साथ किसी भी शांति समझौते के लिए लेबनान से जुड़ा सीजफायर एक जरूरी शर्त है।
