नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम का कारक माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर होता है, तो उसे जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। साथ ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मंगल कमजोर का व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता, निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। अगर आपके जीवन में भी इस तरह की परेशानियां आ रही हैं, तो आपकी कुंडली में मंगल कमजोर हो सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि मंगल कमजोर होने पर कौन-से संकेत मिलते हैं।

कुंडली में मंगल कमजोर के 7 संकेत
कुंडली में मंगल कमजोर होने पर व्यक्ति के आत्मविश्वास की कमी आती है। वह जल्दी घबरा जाता है। साथ ही निर्णय लेने में झिझक होती है।
इसके अलावा शरीर में ऊर्जा की कमी भी होती है। किसी भी काम को करने में बहुत थकावट हो जाती है। साथ ही रक्त संबंधित बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
जब कोई व्यक्ति अपना गुस्सा जाहिर नहीं कर पाता है और अंदर-अंदर ही घुटता रहता है, तो इसे कुंडली में मंगल कमजोर का संकेत माना जाता है।
अचानक बिना किसी वजह के अधिक अत्यधिक क्रोधित होना।
अगर मन में किसी अनहोनी का डर बना रहता है, तो इसे मंगल की कमजोर स्थिति मानी जाती है।
इसके अलावा मंगल कमजोर होने पर परिवार या समाज में वाद-विवाद की समस्या बन सकती है और जीवन में कानूनी मामले भी सामने आ सकते हैं।
