नई दिल्ली। पार्किंसंस एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे दिमाग को प्रभावित करती है, लेकिन हालिया रिसर्च में एक चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने लाए हैं। पार्किंसंस की शुरुआत पेट से हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि एक असामान्य प्रोटीन पेट से दिमाग तक फैलता है, जिसमें दशकों का समय लग सकता है।
क्योंकि केवल 10 से 15 प्रतिशत मामले ही आनुवंशिक होते हैं, इसलिए हमारी डाइट इस बीमारी के जोखिम को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। आइए जानें इस बारे में।

आंत और दिमाग का गहरा कनेक्शन
रिसर्च से पता चला है कि पार्किंसंस से पीड़ित कुछ लोगों के पाचन तंत्र में अल्फा-सिन्यूक्लिन नाम का गलत तरीके से मुड़ा हुआ प्रोटीन जमा हो जाता है। इसलिए बीमारी का पता लगने से सालों पहले क्रॉनिक कब्ज जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
चूहों पर किए गए एक्सपेरिमेंट में देखा गया कि जब यह प्रोटीन आंत में इंजेक्ट किया गया, तो यह दिमाग तक पहुंच गया और पार्किंसंस जैसे लक्षण पैदा किए। यही कारण है कि रिसर्चर्स अब खान-पान पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
रिस्क कम करने के लिए क्या खाएं?
अपनी डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल करके इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है-
-कॉफी और चाय- नियमित रूप से कॉफी और चाय पीने से पार्किंसंस के जोखिम को कम करने से जुड़ा है। दिलचस्प बात यह है कि यह फायदा डिकैफ कॉफी में नहीं देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा कैफीन के कारण होता है।
-फाइबर से भरपूर खाना- ज्यादा फाइबर खाने वाले लोगों में भविष्य में पार्किंसंस होने की संभावना कम पाई गई है।
-माइंड और मेडिटेरेनियन डाइट- रिसर्च बताते हैं कि जो लोग MIND डाइट फॉलो करते हैं, उनमें पार्किंसंस के लक्षण अन्य लोगों की तुलना में औसतन 17.4 साल बाद विकसित होते हैं। मेडिटेरेनियन डाइट इस बीमारी की संभावना को 25 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
-सब्जियां और बेरीज- पत्तेदार सब्जियां, बेरीज और पोल्ट्री भी दिमाग के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
किन चीजों से परहेज करें?
-डेयरी प्रोडक्ट्स- दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स ज्यादा मात्रा में खाने से, खासकर पुरुषों में पार्किंसंस के बढ़ते जोखिम से जुड़ा पाया गया है।
-अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड- बाजार में मिलने वाली ब्रेड, सीरियल्स और फ्रोजन मील जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
-तली-भुनी चीजें और मिठाइयां- तले हुए खाने और ज्यादा मीठे से परहेज करना न केवल पार्किंसंस बल्कि पूरे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
