नई दिल्ली। हाल ही में जारी नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के सर्वे के अनुसार, महाराष्ट्र में पांच में से सिर्फ एक मरीज ही सरकारी अस्पतालों में जाता है। दूसरे राज्यों की तुलना में इस राज्य में 30 से ज्यादा सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में अस्पताल में भर्ती होने के कुल मामलों में से 77% प्राइवेट सेक्टर में और 18.6% सरकारी अस्पतालों में होते हैं। जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) के डॉ. अभय शुक्ला ने कहा, “यह 18.6% का आंकड़ा देश में सबसे कम दर है और यह महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण की नाकाम नीति को उजागर करता है।”

